Friday, 26 December 2008

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वर्ष २००८ के सितम्बर महीने में माया दीदी और थॉमस की शादी हुई थी. उसकी कुछ तस्वीरें मैंने इस वेबसाइट पर डाली हैं. कृपया नीचे दिए गए लिंक्स पे जाके तस्वीरों का दर्शन कर लीजिये.

भाग १
भाग २
भाग ३
भाग ४

Part 4



गिरीश मौसाजी एक भाषण दे रहे हैं ।
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सुधा मौसी ने जर्मन भाषा में भाषण दिया .
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थॉमस भी भाषण दे रहा है ।
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रिचर्ड और मैं खाने का मज़ा लेते हुए।
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मीशू
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माया दीदी की सहेलियां पुरानी यादें के बारे में बता रही हैं । (जैसे की एक बार माया दीदी ने दफ्तर में थॉमस पे पिस्तौल चलायी थी - कगाज़ की गोलियों वाली )
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कहानी 'पीने' के बाद लोग थोड़े हलके ho गए थे।
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मीशू, माया दीदी, समीरा और मैं।
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शादी का केक। अति स्वादिष्ट !! :-)
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रात का नाच गाना ॥
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हिन्दी, अंग्रेज़ी और जर्मन गाने की धुन पर नाचते हुए ... :-)
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its the time to disco....
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Part 3



हवा में गुबार ओझल होते हुए ।
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माया दीदी और थॉमस चर्च के साम अपनी तस्वीर खीचते हुए ।
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एक और तस्वीर । इसके बाद सब लोग रात्रि भोज और नाच गाने के लिया एक किले की तरफ़ प्रस्थान किए ।
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समीरा किले के बहार । इसी किली में शादी के बाद का जशन मनाया गया था।
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मिनी भी किले मैं अपनी एक तस्वीर खीचा ली ।
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पिया, सुधा मौसी और मीशू कुईद पाठ रहे हैं (गॉसिप)
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मीशू किले के बहार अपने तस्वीर खीचते हुए।
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अब खाने पे हमला करने का समय हो गया था।
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समीरा की एक तस्वीर खाने की मेज़ पर ।
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Part 2



अंगूठी पहनाते हुए ।
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पादरी इस शादी को पूरा घोषित करता है ।
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शादी ख़तम होने के बाद अब माया दीदी और थॉमस चर्च से बाहर निकलते हैं ।
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सब तरफ़ से लोग उनको बढियाँ दे रहे हैं ।
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चर्च से निकलने के बाद अब तसवीरें खिचाने की बारी है ।
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सुब्बू, समीरा, प्रिया, मीशु और क्रिस कुछ गुब्बारों के साथ। इन गुब्बारों पे सबने माया दीदी और थॉमस के लिए कुछ मांगे लिखी । बाद में इन गुब्बारों को हवा में उड़ा दिया।
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समीरा और मैं गुब्बारों के साथ
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सुब्बू और प्रिया गुब्बारों के साथ
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समीरा , रिचर्ड, मीशू, क्रिस गुब्बारों के साथ ।
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गुब्बारे हवा में उड़ गए ।
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Part 1

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माया दीदी और टोमास की शादी जर्मनी के बान शेहर में हुई थी। यह शहर कुछ साल पहले तक पशचिमी जर्मनी की राजधानी था। दुनिया भर से मेहमान लोग आए थे - हारवर्ड और मेलबर्न के अध्यापक और विशेषज्ञ, ऑस्ट्रेलिया और जर्मनी से मित्रगण, लन्दन से रिश्तेदार और कुमाओं से पर्वतारोही। :-)

जर्मन शादी एक चर्च में होती है। यह भारतीय शादी से काफी कम समय लेती है, इसलिए लोग थकते नहीं हैं। सारी जनता चर्च के लिए होटल से रवाना होती है, चर्च में जर्मन पुरोहित (क्ल्लेर्गी) लगभग पौने घंटो तक मंत्रो का उच्चारण करते हैं और फिर शादी करने वाली जोड़ी अपनी अंगूठियाँ बदल लेते हैं। इसके बाद एक पार्टी होती है जो रात भर चलती है।

इसी शादी की कुछ तस्वीरिएँ नीचे प्रस्तुत हैं।


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दुल्हे राजा टोमास राइक्क चर्च में प्रवेश करते हुए
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गिरीश मौसाजी, माया दीदी, क्रिस (माया दीदी के बिल्कुल पीछे), मीशू, सुधा मौसी और स्मिरा


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गिरीश मौसाजी और माया दीदी चर्च की तरफ़ भाद रहे हैं । उनके आगे आगे एक चोटी लडकी चल रही है - जैसा की रिवाज़ होता है ।

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यह लोग चर्च में घुसने वाले हैं ।


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चर्च में प्रवेश करते हुए और पादरी (पुरोहित) की तरफ़ बढ़ते हुए ।


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चर्च में चलते हुए ।

पादरी माया दीदी और थॉमस को बाइबल से उपदेश दे रहा है ।
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कृपया यह जान ले की थॉमस के बायीं तरफ़ जो बंद खडा है, वोह थॉमस का भाई नहीं है (हालाँकि वोह बिल्कुल थॉमस की तरह दिखता है)
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एक दूसरे को अंगूठी पहनाते हुए।
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